योगेश्वर श्रीकृष्ण (भाग १)

श्रीकृष्ण नाम सुनते ही हमारी आंखों के सामने दो तरह के चरित्र उपस्थित हो जाते हैं। एक है ‘चौर जार शिखामणि’ अर्थात चोरों और व्यभिचारयों का शिरोमणि, बांसुरी बजाने वाला, रासलीला करने वाला, परनारियों का अभिमर्षक, धूर्त और लंपट चरित्र…