पुरूषार्थ ही जीवन हैं |

ओउम् यह संसार पुरूषार्थीयों के लिए हैं| पुरूषार्थ ही जीवन हैं, प्रमाद ही मृत्यु हैं| जीवन में सफलता भाग्यवाद पर नही अपितु पुरूषार्थवाद पर निर्भर करती हैं| प्रतिपल की सजगता, जागरूकता के साथ जो आगे बढ़ते हैं, वे अपने जीवन…