हिंदी और भारतीय भाषाओं का अंतर्सम्बंध: सामाजिक व सांस्कृतिक चेतना के लिए आवश्यक

विश्व आज जिस दौर से गुजर रहा है, उसमें कई स्तरों पर बदलाव आए हैं। भूमंडलीकरण के कारण लोगों के सांस्कृतिक, भाषाई और देशज सोच में बदलाव आए हैं। भारतीय समाज में इस बदलाव का असर कहीं अधिक देखा जा…

योगेश्वर श्रीकृष्ण (भाग ४)

श्रीकृष्ण के कार्य का परिणाम – कृष्ण जी के नेतृत्व में लड़े गए महाभारत को देखने से ऐसा नहीं लगता कि कृष्ण ने कोई भला कार्य किया है । परिवारी जनों को परस्पर लड़ा कर संपूर्ण वंश का सर्वनाश करवा…

योगेश्वर श्रीकृष्ण (भाग ३)

–  वेदप्रिय शास्त्री श्रीकृष्ण के कार्य – 7. सौभनगर की लड़ाई :-  शिशुपाल वध का समाचार सुनकर उसका एक मित्र मर्तिकावर्त (वर्तमान अलवर) का राजा शाल्व क्रोध से आग बबूला हो गया और द्वारका पर चढ़ाई कर दी । श्रीकृष्ण अभी…

योगेश्वर श्रीकृष्ण (भाग २)

–  वेदप्रिय शास्त्री श्रीकृष्ण के कार्य – 1. स्वकुल संगठन :-  सबसे पहले श्रीकृष्ण जी ने यादवों के 17 वंशों को पारस्परिक कलह व फूट से मुक्त कराकर उन्हें संगठित किया । इस हेतु उन्होंने यादवों के एक दल के नेता…

योगेश्वर श्रीकृष्ण (भाग १)

श्रीकृष्ण नाम सुनते ही हमारी आंखों के सामने दो तरह के चरित्र उपस्थित हो जाते हैं। एक है ‘चौर जार शिखामणि’ अर्थात चोरों और व्यभिचारयों का शिरोमणि, बांसुरी बजाने वाला, रासलीला करने वाला, परनारियों का अभिमर्षक, धूर्त और लंपट चरित्र…